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एक्सिस बैंक ने लखनऊ से की राष्ट्रव्यापी ‘स्पर्श वीक 2026’ की शुरुआत; उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में प्रमुख विकास इंजन के रूप में भूमिका उजागर

एक्सिस बैंक ने लखनऊ से की राष्ट्रव्यापी ‘स्पर्श वीक 2026’ की शुरुआत; उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में प्रमुख विकास इंजन के रूप में भूमिका उजागर

नोएडा, 8 सितंबर 2026: भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक एक्सिस बैंक ने आज लखनऊ से अपने प्रमुख राष्ट्रव्यापी ग्राहक सहभागिता अभियान ‘स्पर्श वीक 2026’ की शुरुआत की। एक्सिस बैंक के एमडी एवं सीईओ अमिताभ चौधरी ने इसका उद्घाटन किया। एक सप्ताह तक चलने वाली यह पहल बैंक के नेताओं और कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ सीधे जुड़ने, संबंधों को मजबूत करने और सेवा की उस भावना का जश्न मनाने के लिए एक मंच पर लाएगी, जो संगठन के मूल में है।

स्पर्श: ग्राहक-केंद्रितता को साकार करने की पहल

ग्राहक-केंद्रितता एक्सिस बैंक द्वारा व्यक्तियों, व्यवसायों और समुदायों को सेवाएं देने के तरीके का आधार बनी हुई है। ‘स्पर्श’ विश्वास, सहानुभूति और उत्कृष्ट सेवा के माध्यम से संबंधों को मजबूत करने पर बैंक के फोकस को दर्शाता है। हालांकि ‘स्पर्श वीक’ इस सोच का वार्षिक उत्सव है, लेकिन इसकी नींव ऐसी कार्यसंस्कृति में है, जिसमें हर निर्णय और ग्राहक के साथ हर संवाद के केंद्र में ग्राहक होता है। यह पहल दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने और स्थायी विश्वास कायम करने में सार्थक ग्राहक सहभागिता के महत्व को रेखांकित करती है।

चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका ‘स्पर्श वीक’ अब बैंक के सबसे बड़े ग्राहक सहभागिता और कर्मचारी लामबंदी मंचों में से एक बन गया है। अगले पांच दिनों में देशभर की 6,000 से अधिक शाखाएं इसमें भाग लेंगी। बैंक का लक्ष्य विभिन्न ग्राहक वर्गों, भौगोलिक क्षेत्रों और जीवन के अलग-अलग चरणों से जुड़े ग्राहकों के साथ 2.5 लाख से अधिक संवाद करना है। बैंक के 90 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कोहिमा तक विभिन्न क्षेत्रों में जाकर ग्राहकों और कर्मचारियों से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे और विश्वास को और मजबूत करेंगे।

‘स्पर्श वीक’ के शुभारंभ पर एक्सिस बैंक के एमडी एवं सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा, “स्पर्श हमारे लिए उन ग्राहकों और समुदायों के साथ लगातार करीबी संपर्क में रहने के महत्व को दर्शाता है, जिनकी हम सेवा करते हैं। यह उस सेवा संस्कृति का प्रतिबिंब है, जिसे हम पूरे संगठन में विकसित कर रहे हैं। यह संस्कृति हमारी टीमों को ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझने और हर संवाद के दौरान सार्थक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रेरित करती है।

हमें खुशी है कि हमने ‘स्पर्श वीक 2026’ की शुरुआत उत्तर प्रदेश से ऐसे समय में की है, जब यह राज्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों में से एक के रूप में उभर रहा है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, उद्यमिता और डिजिटल अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हम इन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जरूरी वित्तीय समाधान और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं।”

लखनऊ: ‘स्पर्श’ की भावना का प्रतिबिंब

लखनऊ से ‘स्पर्श वीक’ की शुरुआत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश की राजधानी और शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी तथा उद्यमिता के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में लखनऊ राज्य की बढ़ती आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। शहर की विविधता, व्यापकता और तेजी से बदलता ग्राहक परिदृश्य इसे ग्राहक सहभागिता और सार्थक संबंधों पर केंद्रित इस पहल के लिए उपयुक्त स्थान बनाते हैं।

लखनऊ का विकास उत्तर प्रदेश में हो रहे व्यापक बदलाव का प्रतिबिंब है। बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और पर्यटन में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश एक्सिस बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार और उसकी विकास रणनीति का अहम हिस्सा बना हुआ है। वित्तीय समावेशन, डिजिटल नवाचार और जिम्मेदार ऋण वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करते हुए बैंक उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में योगदान दे रहा है।

उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को गति

इस विकास यात्रा को समर्थन देने के लिए ऐसे समाधानों की जरूरत है, जो व्यक्तियों, व्यवसायों और संस्थानों—सभी की जरूरतों को पूरा कर सकें। एक्सिस बैंक उत्तर प्रदेश में अपने ग्राहकों को रिटेल बैंकिंग, एमएसएमई, कॉरपोरेट, कृषि, बुनियादी ढांचे और सरकार-प्रेरित कार्यक्रमों सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऋण, ट्रांजैक्शन बैंकिंग और डिजिटल वित्तीय समाधान उपलब्ध करा रहा है।

उद्यमियों और छोटे कारोबारों को सक्षम बनाने से लेकर बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा एवं विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने तक, बैंक राज्य की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के साथ काम कर रहा है। बैंक की भूमिका केवल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उद्यमों के विकास और औपचारिक अर्थव्यवस्था में व्यापक भागीदारी को भी सक्षम बनाने तक विस्तृत है।

 

उत्तर प्रदेश में एक्सिस बैंक का व्यापक नेटवर्क

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौजूदगी के साथ एक्सिस बैंक ने राज्य में व्यापक बैंकिंग नेटवर्क स्थापित किया है। जून 2026 तक राज्य में बैंक की 572 शाखाएं, 1,251 एटीएम एवं कैश रिसाइक्लर और 12,740 से अधिक विलेज एवं अर्बन लेवल एंटरप्रेन्योर्स (VLEs/ULEs) मौजूद थे। यह नेटवर्क राज्य के विभिन्न बाजारों और आर्थिक क्षेत्रों के ग्राहकों को सेवाएं देने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।

उत्तर प्रदेश में कारोबार की मजबूत रफ्तार

उत्तर प्रदेश में बैंक का कारोबार लगातार मजबूत गति दिखा रहा है। जून 2026 तक राज्य में बैंक का जमा आधार ₹70,675 करोड़ रहा, जबकि सकल अग्रिम ₹54,367 करोड़ तक पहुंच गए।

प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के तहत अग्रिम ₹21,970 करोड़, एमएसएमई अग्रिम ₹17,713 करोड़ और कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के अग्रिम ₹3,273 करोड़ रहे। ये आंकड़े रिटेल, कारोबार और ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित पोर्टफोलियो को दर्शाते हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले क्षेत्रों में बैंक की मजबूत मौजूदगी भी सामने आती है।

पहुंच का विस्तार और ग्राहक सेवाओं को मजबूत करना

उत्तर प्रदेश में बैंक की बढ़ती कारोबारी मौजूदगी के साथ वितरण नेटवर्क और ग्राहकों की पहुंच बढ़ाने के लिए भी लगातार निवेश किया जा रहा है। बैंक का नेटवर्क मार्च 2024 के 365 स्थानों से बढ़कर मार्च 2026 में 568 स्थानों तक पहुंच गया। मार्च 2027 तक इसमें करीब 50 और स्थान जोड़ने की योजना है।

इस विस्तार का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना, ग्राहकों की सुविधा बढ़ाना और राज्य के अधिक समुदायों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करना है।

उत्तर प्रदेश के विकास गलियारों के साथ साझेदारी

उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को कई उच्च क्षमता वाले विकास गलियारे आकार दे रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

 

– एनसीआर क्षेत्र

– लखनऊ-कानपुर बेल्ट

– पूर्वी उत्तर प्रदेश, जिसमें वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या शामिल हैं

– पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसमें आगरा, अलीगढ़, मथुरा और वृंदावन शामिल हैं

– बुंदेलखंड क्षेत्र, जिसमें झांसी, चित्रकूट और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं

 

ये क्षेत्र विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, रक्षा, कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और एमएसएमई आधारित गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

इन आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने के लिए बैंक वर्किंग कैपिटल, प्रोजेक्ट फाइनेंस, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग, ट्रेड फाइनेंस और डिजिटल भुगतान समाधानों सहित कई तरह के वित्तपोषण और ट्रांजैक्शन बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराता है। विकास के विभिन्न चरणों में कारोबारों के साथ काम करके एक्सिस बैंक निवेश को बढ़ावा देने, पूंजी तक पहुंच बेहतर बनाने और इन क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद करता है।

राज्य में धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचा आधारित विकास से नए आर्थिक इकोसिस्टम भी उभर रहे हैं। अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा और वृंदावन जैसे तीर्थ एवं विरासत केंद्रों के आसपास विकास से हॉस्पिटैलिटी, यात्रा, रिटेल, एमएसएमई और संबद्ध सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। एक्सिस बैंक डिजिटल भुगतान और बैंकिंग समाधानों की व्यापक श्रृंखला के जरिए इस गतिविधि को समर्थन दे रहा है, जिससे पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्थाओं के विकास के साथ कारोबारों को भी विस्तार करने में मदद मिल रही है।

इसी समय, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट जैसे केंद्रों में औद्योगिक एवं विनिर्माण गतिविधियों को मजबूत कर रहा है। एक्सिस बैंक इन इकोसिस्टम से जुड़े कारोबारों के साथ काम कर रहा है और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ उनकी बदलती बैंकिंग, ट्रांजैक्शन और वित्तपोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रहा है।

भारत बैंकिंग के जरिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा

आर्थिक विकास का लाभ तभी अधिक सार्थक होता है, जब वह राज्य के प्रमुख शहरी और औद्योगिक केंद्रों से आगे बढ़कर समुदायों तक पहुंचे। अपनी ‘भारत बैंकिंग’ रणनीति के तहत एक्सिस बैंक डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन पहलों और कृषि, एमएसएमई तथा ग्रामीण उद्यमों के लिए अनुकूलित समाधानों के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 बाजारों में वित्तीय पहुंच को मजबूत कर रहा है।

बैंक कृषि मूल्य श्रृंखला, वेयरहाउसिंग, सिंचाई और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी अन्य गतिविधियों में भी क्रेडिट, डिजिटल बैंकिंग और स्थानीय वितरण नेटवर्क के संयोजन के जरिए भागीदारों के साथ काम करता है।

डिजिटल भुगतान ढांचे, पीओएस नेटवर्क और बैंकिंग टचपॉइंट्स का विस्तार करके एक्सिस बैंक औपचारिक अर्थव्यवस्था में व्यापक भागीदारी को सक्षम बना रहा है। इन प्रयासों के साथ सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन की पहल भी जारी है, जिनका उद्देश्य अधिक से अधिक व्यक्तियों, कारोबारों और ग्रामीण समुदायों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ना है।

बैंकिंग को सरल, सुरक्षित और अधिक सुलभ बनाना

बैंकिंग के तेजी से डिजिटल-फर्स्ट बनने के बीच एक्सिस बैंक बैंकिंग को सरल, सुरक्षित और अधिक सहज बनाने के लिए टेक्नोलॉजी और नवाचार में लगातार निवेश कर रहा है। बैंक मोबाइल-फर्स्ट अनुभव, ओम्नीचैनल सर्विसिंग और एआई आधारित क्षमताओं को एक साथ लाकर ग्राहकों को सहज और व्यक्तिगत बैंकिंग अनुभव देने का प्रयास कर रहा है, जबकि बैंकिंग में विश्वास और मानवीय जुड़ाव को भी बनाए रखा जा रहा है।

सेफ्टी सेंटर, इन-ऐप ओटीपी, लॉक एफडी और आधार फेस ऑथेंटिकेशन जैसे नवाचार ग्राहकों को अपनी बैंकिंग पर अधिक नियंत्रण प्रदान करते हैं और धोखाधड़ी तथा वित्तीय जोखिमों से सुरक्षा में मदद करते हैं। बैंक एपीआई बैंकिंग, अकाउंट एग्रीगेटर आधारित समाधानों और इकोसिस्टम साझेदारियों में निवेश के माध्यम से अपने डिजिटल इकोसिस्टम को भी मजबूत कर रहा है। इससे अधिक कनेक्टेड और भविष्य के लिए तैयार बैंकिंग अनुभव तैयार हो रहा है।

इन सभी क्षमताओं के माध्यम से ग्राहक अधिक सुविधा और आत्मविश्वास के साथ लेनदेन कर पा रहे हैं, सेवाओं तक पहुंच बना पा रहे हैं और अपने वित्त का प्रबंधन कर पा रहे हैं।

रोजगार सृजन और समावेशी विकास

टेक्नोलॉजी, वितरण नेटवर्क और ग्राहक-केंद्रित क्षमताओं में निवेश के साथ-साथ एक्सिस बैंक उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं और रोजगार में भी निवेश कर रहा है। जून 2026 तक बैंक ने राज्य में 2,600 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए थे। इस अवधि में हर महीने औसतन करीब 200 नए कर्मचारी बैंक से जुड़े।

इस दौरान नई नियुक्तियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही और विभिन्न भूमिकाओं एवं कार्यक्षेत्रों में 900 से अधिक महिला पेशेवर संगठन का हिस्सा बनीं।

उत्तर प्रदेश में 9,200 से अधिक कर्मचारियों के कार्यबल के साथ बैंक बैंकिंग, बिक्री, परिचालन और सपोर्ट कार्यों में रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। इसके साथ ही बैंक राज्य में कार्यबल की भागीदारी और कौशल विकास में भी योगदान दे रहा है।

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